डस्टबिन खरीद की धांधली

डस्टबिन खरीद की धांधली-विजिलेंस टीम ने दो पंचायत सचिवों को किया गिरफ्तार, अब आरोपी सरपंच की तलाश जारी,

😂😂😂 पढ़ी-लिखी पंचायत ने कर डाला डस्टबिन घोटाला!

 जानकारी के मुताबिक करीब तीन साल पहले सीएम मनोहरलाल खट्टर को शिकायत सौंपी गई थी। – विजिलेंस टीम ने भुंगारका पंचायत के दो पंचायत सचिवों को पंचों के फर्जी हस्ताक्षर व कूड़ेदान खरीद की धांधली के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें नारनौल सेशन कोर्ट में पेश किया गया। जहां न्यायधीश ने जेल भेजने के आदेश दिए हैं। विजिलेंस ने मामले में तीसरे आरोपी सरपंच जगत सिंह को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं।डस्टबिन घोटाले का मामला अंजाम तक पहुंचना आरंभ हो गया।

जानकारी के मुताबिक करीब तीन साल पहले सीएम मनोहरलाल खट्टर को शिकायत सौंपी गई थी। जिसमें भुंगारका के सरपंच जगतसिंह व पंचायत सचिवों में डस्टबिन खरीद में धांधली तथा पंचों के फर्जी हस्ताक्षरों ने शराब का ठेका खुलवाने के आरोप लगाए गए थे। सीएम ने संज्ञान लेते हुए विजिलेंस के पास शिकायत भेज दी। उन्होंने पारदर्शिता पूर्वक जांच के निर्देश दिए। विजिलेंस टीम ने पंचायत से डस्टबिन खरीद संबंधित रिकार्ड तलब किया।

रिकार्ड और भुगतान रजिस्ट्र के अनुसार 200 कूड़ेदान खरीदे गए हैं। फिजिकल वेरीफिकेशन में निर्धारित जगहों पर 100 कूड़ेदान ही रखे हुए मिले। 100 डस्टबिन कम मिलने पर सरपंच से जबाब तलब किया। उन्होंने 100 कूड़ेदान चोरी होने का तर्क दिया, किंतु FIR की कॉपी प्रस्तुत नहीं की। जिस कारण विजिलेंस ने चोरी के दावे को खारिज कर दिया। इसके अलावा 100 डस्टबिन की खरीद प्रक्रिया भी मापदंडानुसार नहीं मिली। दूसरी ओर पंचों के फर्जी हस्ताक्षर भी आरोपियों के लिए मुसीबत बन गए।

हालांकि सरपंच ने पंचों के शपथ पत्र प्रस्तुत करके फर्जीवाड़े के आरोपों को नकारा है। किंतु शिकायतकर्ता पंचों ने हाईकोर्ट में पैरवी करके सरपंच दोषी होने की पुष्टि की है। जिस कारण पहले सेशन कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों पंचायत सचिवों ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी, किंतु वहां भी सफलता नहीं मिली। बेल डिसमिस होते ही विजिलेंस ने पंचायत सचिवों व सरपंच को नोटिस भेजकर पेश होने के निर्देश दिए। पालना नहीं होने पर विजिलेंस निरीक्षक नवलकिशोर शर्मा ने सोमवार की देर शाम सचिव मूलचंद को गिरफ्तार किया। मंगलवार सुबह दूसरे सचिव उमेश कुमार को भी अरेस्ट कर लिया।

कोरोना सैंपल के बाद आरोपी कोर्ट में किए पेश, भेजे जेल

विजिलेंस निरीक्षक नवलकिशोर शर्मा ने बताया कि भुंगारका पंचायत में डस्टबिन घोटाला तथा पंचों के फर्जी हस्ताक्षरों के मामले में दो पंचायत सचिवों को गिरफ्तार किया है।

जिनकी कोरोना सैंपल के बाद कोर्ट में पेश किया, वहां न्यायधीश ने जेल भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि भुंगारका के सरपंच जगतसिंह की गिरफ्तारी पेंडिंग है, जिसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।सूत्रों की मानें तो आरोपियों के खिलाफ एक साल पहले केस दर्ज हुआ था। इसके बाद आरोपी सचिवए सरपंचों की उपस्थिति में डस्टबिनों का वजन किया और गिनती की। शिकायतकर्ता पंचों के लिखित ब्यान लिए। आरोप साबित होने पर विजिलेंस अधिकारी ने स्वयं के बयानों से केस दर्ज कराया है। जांच की सभी प्रक्रिया पूरी होने पर आरोपियों ने अदालत की शरण ली है। लेकिन दो पंचायत सचिव व सरपंच को न्यायलय से राहत नहीं मिली।

डस्टबिन विक्रेता ने पंचायत फंड में जमा करवा दिए पैसे

जानकारी के अनुसार पंचायत ने नारनौल नसीबपुर की एक फर्म से डस्टबिन खरीदे हैं। सेशन कोर्ट में जमानत खरिज होने के बाद उन्होंने 3.80 लाख रुपए पंचायत फंड में जमा करवा दिए। उन्होंने तर्क दिया कि पंचायत ने 200 डस्टबिनों का चैक दिया था, किंतु खरीदे 100 हैं। इसलिए बची हुई राशि पंचायत को लौटा दी। इसी प्रक्रिया के आधार पर आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिली है।


सार

गारका पंचायत के दो पंचायत सचिवों को डस्टबिन खरीद में धांधली तथा पंचों के फर्जी हस्ताक्षरों के आरोप में गिरफ्तार किया है। कोविड-19 का टेस्ट करवाकर उन्हें कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों को जेल भेजने के आर्डर किए हैं। बचे हुए आरोपित सरपंच जगतसिंह को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

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